तनाव भरे दौर में राहत की पहल: प्रोफेसरों को सिखाए जा रहे स्ट्रेस मैनेजमेंट के गुर, पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय में स्ट्रेस मैनेजमेंट, कॉन्फ्लिक्ट हैंडलिंग व टीम बिल्डिंग पर विशेष प्रशिक्षण, PM-USHA के तहत पहल
शहडोल। आज के भागदौड़ भरे दौर में जहां हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में मानसिक तनाव (स्ट्रेस) से जूझ रहा है, वहीं कार्यस्थल पर बढ़ते दबाव और आपसी टकराव (कॉन्फ्लिक्ट) की स्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। ऐसे समय में आदिवासी बाहुल्य शहडोल जिले के पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री उषा (PM-USHA) योजना के अंतर्गत आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 16 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के लगभग 60 प्रोफेसर एवं अकादमिक स्टाफ स्ट्रेस मैनेजमेंट, कॉन्फ्लिक्ट हैंडलिंग एवं टीम बिल्डिंग जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन CRISP भोपाल के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सेशन के माध्यम से तनाव प्रबंधन, प्रभावी संवाद, नेतृत्व क्षमता एवं इमोशनल इंटेलिजेंस से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. राम शंकर एवं कुलसचिव सरिता चौहान की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की व्यवहारिक दक्षता एवं संवाद क्षमता को विकसित कर शिक्षण पद्धति को और अधिक प्रभावी बनाना है, जिससे विद्यार्थियों के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण स्थापित किया जा सके। PM-USHA के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
विषय विशेषज्ञ डॉ. स्मृति मिश्रा द्वारा योग एवं संतुलित आहार के माध्यम से मानसिक तनाव को नियंत्रित करने के उपाय बताए गए, वहीं डॉ. के.के. पटेरिया ने व्यक्तित्व विकास एवं कार्यस्थल पर उत्पन्न होने वाले विवादों को सकारात्मक तरीके से संभालने के गुर साझा किए। इसके अलावा अंकुर कुमार गौर ने साइकोमेट्रिक तकनीकों के जरिए ह्यूमन बिहेवियर एनालिसिस पर प्रकाश डालते हुए बताया कि व्यक्तित्व के विभिन्न प्रकारों को समझकर बेहतर टीमवर्क विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम की नोडल ऑफिसर डॉ. रचना दुबे (PM-USHA) ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को तनावमुक्त वातावरण में कार्य करने के साथ-साथ आपसी समन्वय और टीम भावना को मजबूत बनाना है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों में सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित की जा सके। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
Comments
Post a Comment