रस्सियों में जकड़ी थी बेजुबानों की जिंदगी, पुलिस ने तोड़ दी मौत की साजिश, कानपुर के कत्लखानों में मौत के मुँह में जा रहे थे 'बेजुबान', शहडोल पुलिस ने बिछाया जाल और बचा ली जान...
शहडोल । शहडोल पुलिस इंसानियत और कानून ने मिलकर मौत की साजिश को नाकाम कर दिया, जिले की सीधी थाना पुलिस ने एक सटीक कार्रवाई करते हुए उन 30 बेजुबान मवेशियों को बचा लिया, जिन्हें बेरहमी से ट्रकों में ठूंसकर कानपुर के कत्लखानों की ओर ले जाया जा रहा था,मवेशियों को छुड़ाकर पुलिस ने न सिर्फ बड़ा खुलासा किया, बल्कि तस्करों के मंसूबों पर भी करारा प्रहार किया,फिलहाल सभी मवेशियों को सुरक्षित गौशाला भेज दिया गया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हत्यारों के कब्जे से मुक्तबकराए गए बेजुबांन एवं जप्त वाहनों की कीमत 45 लाख रु बताई जा रही है।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की सीधी थाना पुलिस ने अवैध पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने नाकेबंदी कर दो आयशर ट्रकों को पकड़ा है, जिनमें क्रूरतापूर्वक भरकर वध के लिए उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे 25 पड़ा भैंस के बच्चे और 5 भैंसों को मुक्त कराया , इस मामले में पुलिस ने दो चालकों सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीधी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो सफेद रंग के ट्रक कुदरी और अमझोर की तरफ से अवैध रूप से मवेशियों को लेकर ब्यौहारी के रास्ते उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित बूचड़खानों की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम कुदरी के पास ओदारी नदी पुल पर घेराबंदी कर दी, जब पुलिस ने संदिग्ध ट्रकों (MP53ZC3560 और UP96T6706) को रोकने का प्रयास किया, तो चालकों ने उन्हें कच्ची सड़क पर मोड़कर भागने की कोशिश की,घेराबंदी कर जब ट्रकों की तलाशी ली गई, तो पुलिस दंग रह गई, ट्रकों के अंदर मवेशियों के सिर और पैर रस्सी से एक साथ सटाकर बांधे गए थे ताकि वे खड़े न हो सकें,गंदगी के बीच तड़प रहे इन मवेशियों के लिए हवा और पानी का कोई इंतजाम नहीं था,पुलिस ने मौके से चालक अली असगर (निवासी इलाहाबाद) और सनी साकेत (निवासी सतना) को गिरफ्तार किया,पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे ट्रक मालिक मोबिन खान और सौरभ जायसवाल के कहने पर इन पशुओं को कानपुर ले जा रहे थे, पुलिस ने 15 लाख रुपये मूल्य के मवेशी और 30 लाख रुपये कीमत के दोनों ट्रक जब्त कर लिए हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और म.प्र. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मुक्त कराए गए मवेशियों को फिलहाल स्थानीय गौशाला की सुपुर्दगी में दिया गया है...
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