मस्तक से मन तक का सफर: युवा विधायक सम्मेलन में शरद कोल का संस्कारों पर जोर, बोले—‘विजन 2047 का असली आधार सांस्कृतिक चेतना...

शहडोल  । मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन में राजनीति के आधुनिक चेहरों ने भविष्य के भारत का खाका खींचा,  इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश सहित तीन राज्यों के 45 वर्ष से कम आयु के लगभग 58 विधायकों ने शिरकत की,  सम्मेलन का मुख्य केंद्र बिंदु विजन 2047 और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका रहा, इस दौरान ब्यौहारी (शहडोल) से भाजपा विधायक शरद जुगलाल कोल के संबोधन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा, जिन्होंने विकास की पारंपरिक परिभाषा से इतर समाज और संस्कृति के संरक्षण पर ज़ोर दिया...
 
विधायक शरद कोल ने अपने संबोधन में कहा कि एक विधायक की जिम्मेदारी केवल सड़क, नाली या पुलिया निर्माण तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हमें समाज के निर्माण में भी भागीदारी निभानी होगी,हम ऐसी दिशा देकर जाएं कि हमारे पूर्वजों के संस्कार और भारत की महान संस्कृति अक्षुण्ण रहे, उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आज की नई पीढ़ी शिक्षित तो हो रही है, लेकिन संस्कारों से दूर जा रही है। अभिवादन की परंपरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने मार्मिक ढंग से कहा कि जो मस्तक कभी बुजुर्गों के चरणों में झुकता था, वह समय के साथ घुटनों तक आया और अब केवल नमस्कार तक सिमट गया है। यदि संस्कार खत्म हो गए, तो भौतिक विकास का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा...
प्रकृति और जल संकट पर गंभीर चेतावनी
बदलती तकनीक और प्रकृति के दोहन पर बोलते हुए शरद कोल ने पिछले 35 वर्षों के बदलाव का खाका रखा,उन्होंने कहा कि हम झरने और कुओं के दौर से निकलकर हैंडपंप और बोरवेल तक आए, और अब बोतलबंद 'केन वाटर' पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया, 35 सालों में हमने नैचुरलिटी को खत्म कर दिया है। अगर इसी रफ्तार से प्रकृति का विनाश हुआ, तो आने वाली पीढ़ी को हम पीने का पानी कैसे उपलब्ध कराएंगे,उन्होंने विधायकों से अपील की कि वे तकनीक के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकता में रखें,

विधायक समाज के रोल मॉडल, जिम्मेदारी बड़ी

विधायक कोल ने जनप्रतिनिधियों की तुलना सेलिब्रिटीज़ से करते हुए उनके सामाजिक उत्तरदायित्व को रेखांकित किया, उन्होंने कहा, हम आम आदमी नहीं हैं, हम जिम्मेदार लोग हैं। यदि सलमान खान फटी जींस पहनकर टीवी पर दिखते हैं, तो युवा उनका अनुसरण करते हैं। उसी तरह, जब कोई विधायक अपनी बात रखता है या आचरण करता है, तो जनता उसे देखती और सुनती है। उन्होंने आह्वान किया कि युवा विधायकों को समाज के लिए एक आइडियल (आदर्श) बनना होगा, ताकि उनके कार्यों और व्यवहार से राष्ट्र निर्माण की सही दिशा तय हो सके।

यह सम्मेलन इस निष्कर्ष के साथ संपन्न हुआ कि विजन 2047  का भारत केवल आर्थिक रूप से समृद्ध न हो, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों और प्राकृतिक संपदा के साथ भी सुरक्षित रहे।

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